राजस्थान के पशुपालकों के लिए साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी राहत लेकर आई है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री Mangla Pashu Bima Yojana के तहत पशुपालकों को उनके पशुओं का एक साल का फ्री बीमा देने का फैसला किया है। इस योजना के अंतर्गत गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और ऊंट जैसे पशुओं को बीमा कवर मिलेगा और पशु की अचानक मौत होने पर ₹5 लाख तक की सहायता दी जाएगी।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बीमा के लिए पशुपालकों को कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। पूरा खर्च सरकार उठाएगी। पहले चरण में राज्य के 21 लाख पशुओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा। आवेदन की अंतिम तारीख 31 जनवरी 2026 तय की गई है और लाभार्थियों का चयन लॉटरी सिस्टम से होगा।
क्या है मुख्यमंत्री Mangla Pashu Bima Yojana
मुख्यमंत्री Mangla Pashu Bima Yojana राजस्थान सरकार की एक कल्याणकारी योजना है, जिसका उद्देश्य पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देना है। पशुपालन राजस्थान की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लाखों परिवार दूध, दही, घी और पशुओं की बिक्री से अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में अगर किसी बीमारी, दुर्घटना, बिजली गिरने या सांप काटने से पशु की मौत हो जाए, तो पूरे परिवार पर आर्थिक संकट आ जाता है।
इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है ताकि पशु की मृत्यु होने पर पशुपालक को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े और उसकी आजीविका सुरक्षित रहे।
पहले क्या नाम था Mangla Pashu Bima Yojana का
यह योजना पहले मुख्यमंत्री कामधेनु पशु बीमा योजना के नाम से जानी जाती थी। सरकार बदलने के बाद इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री मांगला पशु बीमा योजना कर दिया गया है। नाम बदलने के अलावा योजना के उद्देश्य और लाभ लगभग वही रखे गए हैं।
किन पशुओं को मिलेगा बीमा
इस योजना के तहत अलग-अलग पशुओं के लिए बीमा की सीमा तय की गई है। एक पशुपालक अपने सीमित पशुओं का ही बीमा करा सकता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके।
योजना के तहत:
- अधिकतम 2 दुधारू गायों का बीमा
- अधिकतम 2 दुधारू भैंसों का बीमा
- या 1 गाय और 1 भैंस
- अधिकतम 10 बकरियों
- अधिकतम 10 भेड़ों
- अधिकतम 1 ऊंट
पहले चरण में कुल 21 लाख पशुओं का बीमा किया जाएगा, जिसमें गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और ऊंट शामिल हैं।
बीमा कवर कितना मिलेगा
Mangla Pashu Bima Yojana के तहत प्रति पशु ₹5 लाख तक का बीमा कवर दिया जाएगा। हालांकि वास्तविक बीमा राशि पशु की बाजार कीमत पर निर्भर करेगी।
अगर किसी गाय या भैंस की कीमत ₹70,000 या ₹80,000 है, तो उतनी ही राशि का बीमा मिलेगा। अगर कोई उच्च नस्ल का पशु है जिसकी कीमत ₹2 या ₹3 लाख है, तो उसी के अनुसार बीमा राशि तय होगी।
अधिकतम सीमा ₹5 लाख तक रखी गई है। बीमित पशु की मृत्यु होने पर पूरी जांच के बाद बीमा राशि सीधे पशुपालक के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
इस योजना का लाभ वही पशुपालक ले सकते हैं जो राजस्थान के स्थायी निवासी हों और सरकार द्वारा तय की गई शर्तों को पूरा करते हों।
पात्रता की मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- पशुपालक राजस्थान का निवासी होना चाहिए
- जनाधार कार्ड होना अनिवार्य है
- परिवार की सालाना आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए
- पशु के कान में ईयर टैग लगा होना जरूरी है
- पशु किसी दूसरी बीमा योजना में बीमित नहीं होना चाहिए
- गोपाल क्रेडिट कार्ड धारकों और लखपति दीदी को प्राथमिकता दी जाएगी
चयन कैसे होगा
इस योजना में लाभार्थियों का चयन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। सभी पात्र आवेदनों में से लॉटरी के माध्यम से पशुपालकों का चयन होगा।
सरकार ने सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए आरक्षण भी तय किया है। अनुसूचित जाति के लिए 16% और अनुसूचित जनजाति के लिए 12% आरक्षण रखा गया है।
इसलिए जरूरी है कि समय रहते आवेदन किया जाए, क्योंकि सभी आवेदकों को योजना का लाभ मिलना तय नहीं है।
Mangla Pashu Bima Yojana केलिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
पशुपालक इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया सरल रखी गई है ताकि ग्रामीण इलाकों के लोग भी आसानी से आवेदन कर सकें।
आवेदन के लिए:
- आधिकारिक वेबसाइट mmpby.rajasthan.gov.in पर जाएं
- या मोबाइल से Mangla Pashu Bima Yojana ऐप डाउनलोड करें
- जनाधार नंबर से लॉगिन करें
- पशु और बैंक से जुड़ी जानकारी भरें
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- फॉर्म सबमिट करके रसीद सुरक्षित रखें
अगर ऑनलाइन आवेदन में दिक्कत आए तो नजदीकी ई-मित्र या CSC सेंटर से भी आवेदन कराया जा सकता है।
Mangla Pashu Bima Yojana केलिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं
आवेदन करते समय ये दस्तावेज जरूरी होंगे:
- जनाधार कार्ड
- आधार कार्ड
- पशु का ईयर टैग नंबर
- बैंक पासबुक
- आय प्रमाण पत्र
- पशु की फोटो
- मोबाइल नंबर
सभी दस्तावेज सही और स्पष्ट होने चाहिए, वरना आवेदन रद्द हो सकता है।
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क्लेम कैसे मिलेगा और कितने दिन में पैसा आएगा
अगर बीमित पशु की मृत्यु हो जाती है तो पशुपालक को 24 घंटे के भीतर नजदीकी पशु चिकित्सालय को सूचना देनी होगी। आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद बीमा कंपनी क्लेम की प्रक्रिया पूरी करेगी।
सभी कागजात सही पाए जाने पर 21 कार्य दिवसों के भीतर बीमा राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
निष्कर्ष
Mangla Pashu Bima Yojana राजस्थान के पशुपालकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। 21 लाख पशुओं का मुफ्त बीमा, ₹5 लाख तक का कवर और बिना प्रीमियम की सुविधा इस योजना को खास बनाती है।
अगर आप राजस्थान के पशुपालक हैं और पात्रता पूरी करते हैं, तो 31 जनवरी 2026 से पहले आवेदन जरूर करें। लॉटरी सिस्टम से चयन होगा, इसलिए जितनी जल्दी आवेदन करेंगे उतना बेहतर मौका मिलेगा। यह योजना आपके पशुओं के साथ-साथ आपकी आजीविका को भी सुरक्षित करती है।



