Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2026: किसानों को मिलेगा फसल नुकसान पर भारी मुआवजा, ₹1.83 लाख करोड़ तक की सुरक्षा

खेती आज भी सबसे जोखिम भरा काम है। कभी सूखा, कभी बाढ़, कभी ओलावृष्टि तो कभी कीट-रोग पूरी फसल तबाह कर देते हैं। ऐसे में किसान की साल भर की मेहनत एक झटके में...

By: Viswanath

Published on: February 8, 2026, 6:59 pm

खेती आज भी सबसे जोखिम भरा काम है। कभी सूखा, कभी बाढ़, कभी ओलावृष्टि तो कभी कीट-रोग पूरी फसल तबाह कर देते हैं। ऐसे में किसान की साल भर की मेहनत एक झटके में खत्म हो जाती है। इन्हीं हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2026 लागू की है।

इस योजना के तहत किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान पर आर्थिक सुरक्षा मिलती है। खरीफ फसलों के लिए सिर्फ 2% और रबी फसलों के लिए 1.5% प्रीमियम देकर पूरी फसल का बीमा कराया जा सकता है। 2016 से अब तक किसानों को ₹1.83 लाख करोड़ से ज्यादा का मुआवजा दिया जा चुका है।

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana क्या है

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना 2016 में शुरू की गई केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका उद्देश्य किसानों को सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कीट-रोग और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई करना है। यह दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना मानी जाती है।

योजना के तहत किसानों को बेहद कम प्रीमियम देकर अपनी फसल का बीमा करवाने का मौका मिलता है। बाकी प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर वहन करती हैं। नुकसान होने पर सीधे बैंक खाते में मुआवजा आता है, जिससे किसान जल्दी से फिर खेती शुरू कर सकता है।

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किसानों को कितना Premium देना होता है

PM फसल बीमा योजना में किसानों को खरीफ फसलों के लिए सिर्फ 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और व्यावसायिक/बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देना होता है। बाकी का प्रीमियम केंद्र और राज्य सरकारें 50:50 के अनुपात में देती हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में यह अनुपात 90:10 होता है।

उदाहरण के लिए, अगर किसान ने ₹35,000 की फसल बीमा करवाई है और वास्तविक प्रीमियम ₹4,000 बनता है, तो खरीफ फसल के लिए किसान को सिर्फ ₹800 (2%) देना होगा। बाकी ₹1,600-₹1,600 केंद्र और राज्य सरकार मिलकर भरेंगी। यानी 95% से ज्यादा प्रीमियम सरकार देती है।

कितना मुआवजा मिलता है

फसल नुकसान पर मिलने वाला मुआवजा फसल के प्रकार, बीमित क्षेत्र और नुकसान आकलन पर निर्भर करता है, जो आमतौर पर ₹5,000 से ₹25,000 प्रति हेक्टेयर तक होता है। अगर बुआई ही नहीं हो पाई तो बीमित राशि का 25% तक मिल सकता है। कटाई के बाद अगर 14 दिनों के भीतर फसल खेत में सूखने के लिए रखी है और उस दौरान चक्रवात या बेमौसम बारिश से नुकसान होता है, तो उसका भी क्लेम मिलता है।

नुकसान का आकलन फसल कटाई प्रयोग (CCE) के जरिए किया जाता है। सरकारी अधिकारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि मिलकर खेतों का निरीक्षण करते हैं। इसके बाद तय फॉर्मूले के हिसाब से मुआवजा राशि की गणना होती है और सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए पैसे भेजे जाते हैं।

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खरीफ 2026 से जंगली जानवरों का कवर भी मिलेगा

खरीफ 2026 सीजन से जंगली जानवरों के हमले से होने वाले फसल नुकसान को पांचवें ऐड-ऑन कवर के रूप में शामिल किया गया है। हाथी, जंगली सुअर, नीलगाय, हिरण और बंदरों के हमले से खेतों को भारी नुकसान होता है, लेकिन अब तक इसका मुआवजा नहीं मिलता था।

अब राज्य सरकारें उन जंगली जानवरों और जिलों की सूची तैयार करेंगी जहां ऐसे हमले अक्सर होते हैं। किसानों को नुकसान होने के 72 घंटे के भीतर क्रॉप इंश्योरेंस ऐप पर जियो-टैग्ड फोटो के साथ सूचना देनी होगी। साथ ही धान की फसल को जलभराव से हुए नुकसान का कवर भी फिर से शुरू किया गया है, जिसे 2018 में हटाया गया था।

कौन-कौन सी फसलें आती हैं इस योजना में

PM फसल बीमा योजना में खाद्यान्न, तिलहन, दालें, वार्षिक व्यावसायिक फसलें और बागवानी फसलें शामिल हैं। खरीफ सीजन में धान, मक्का, कपास, सोयाबीन, मूंगफली और दालों का बीमा होता है। रबी सीजन में गेहूं, जौ, चना, सरसों और मटर जैसी फसलें कवर होती हैं।

किसी खास फसल का बीमा उसी राज्य में होगा जहां सरकार ने उसे अधिसूचित किया है। हर राज्य अपने यहां की प्रमुख फसलों को इस योजना में शामिल करता है। किसान को अपने क्षेत्र में अधिसूचित फसल की ही बीमा करवानी होती है।

पात्रता और जरूरी शर्तें

PM फसल बीमा योजना का लाभ देश के सभी किसान ले सकते हैं। इसमें भूमि मालिक, किराए पर खेती करने वाले, बटाईदार और खेतिहर मजदूर सभी पात्र हैं। जिन किसानों ने फसल के लिए कर्ज लिया है, उनके लिए यह बीमा अनिवार्य है। बिना कर्ज वाले किसान स्वेच्छा से इसमें शामिल हो सकते हैं।

आवेदक के पास भूमि का स्वामित्व प्रमाण पत्र या किरायेदारी समझौता होना चाहिए। बीमा बुआई के दो सप्ताह के अंदर करवाना जरूरी है। बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए ताकि मुआवजा सीधे खाते में आ सके। जिस फसल के लिए बीमा लिया है, उसके लिए किसी और स्रोत से मुआवजा नहीं मिला होना चाहिए।

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana में कैसे करें आवेदन

PM फसल बीमा योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए pmfby.gov.in पोर्टल पर जाएं। Farmer Corner में ‘Guest Farmer’ या ‘Login for Farmer’ विकल्प चुनें। मोबाइल नंबर और आधार से रजिस्ट्रेशन करें।

इसके बाद व्यक्तिगत विवरण, भूमि की जानकारी, बैंक खाता संख्या और फसल का ब्योरा भरें। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, भूमि रिकॉर्ड, बैंक पासबुक और हाल की फोटो अपलोड करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद रसीद डाउनलोड कर लें। किसान नजदीकी CSC सेंटर, बैंक शाखा या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।

क्लेम कैसे करें

फसल नुकसान होने पर किसान को 72 घंटे के अंदर सूचना देनी होती है। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1800-266-0700 पर कॉल करें या क्रॉप इंश्योरेंस मोबाइल ऐप पर सूचना दर्ज करें। स्थानीय कृषि विभाग या बैंक में भी नुकसान की जानकारी दी जा सकती है।

सूचना मिलने के बाद अधिकारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि 15 दिनों के अंदर खेत का निरीक्षण करेंगे। फसल कटाई प्रयोग (CCE) के जरिए नुकसान का आकलन किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार होने के बाद तय समय सीमा में मुआवजा राशि बैंक खाते में भेज दी जाती है। अगर बीमा कंपनी देरी करती है तो 12% सालाना के हिसाब से जुर्माना भी देना पड़ता है।

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Crop Insurance App से करें Status Check

किसान गूगल प्ले स्टोर से ‘Crop Insurance App’ डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप में आधार नंबर या एप्लीकेशन आईडी डालकर तुरंत अपने बीमा की स्थिति चेक कर सकते हैं। यहां पता चलता है कि आवेदन स्वीकार हुआ है या नहीं, प्रीमियम कटा या नहीं और क्लेम की राशि कब आएगी।

PMFBY की आधिकारिक वेबसाइट पर भी ‘Check Application Status’ का विकल्प है। यहां आधार नंबर, बैंक अकाउंट नंबर या एप्लीकेशन नंबर डालकर स्टेटस चेक किया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और किसान को हर स्टेप की जानकारी मिलती रहती है।

PMFBY: किसानों की आर्थिक सुरक्षा की गारंटी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भारतीय किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। सिर्फ 2% प्रीमियम देकर पूरी फसल का बीमा, ₹1.83 लाख करोड़ से ज्यादा का मुआवजा और अब जंगली जानवरों के नुकसान का कवर भी यह योजना किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाती है। अगर आप किसान हैं तो pmfby.gov.in पर जाकर या नजदीकी CSC सेंटर में आवेदन जरूर करें।

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