कोरोना महामारी ने कई परिवारों से उनके माता-पिता छीन लिए। हजारों बच्चे रातों-रात अनाथ हो गए। कोई कमाने वाला नहीं, पढ़ाई का खर्च, रोजमर्रा की जरूरतें और भविष्य की चिंता इन मासूमों पर बोझ बन गई। इन्हीं बच्चों को सहारा देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने Mukhyamantri Bal Seva Yojana 2026 शुरू की है।
इस योजना के तहत अनाथ हुए बच्चों को ₹2,500 से ₹4,000 प्रति महीने की आर्थिक सहायता मिलती है। यह राशि 18 साल की उम्र तक DBT के जरिए सीधे बैंक खाते में आती है। इतना ही नहीं, लड़कियों की शादी के लिए ₹1,01,000 का खर्च भी सरकार देती है। साथ ही पढ़ाई के लिए मुफ्त लैपटॉप, टैबलेट और आवासीय स्कूलों में एडमिशन की सुविधा भी मिलती है।
Bal Seva Yojana क्या है
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जो उन बच्चों को आर्थिक और शैक्षणिक सहायता देती है जिन्होंने कोविड-19 या किसी अन्य कारण से अपने माता-पिता खो दिए हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़े रखना है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस योजना में बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और विवाह तक की व्यवस्था शामिल है। यह सहायता राशि परिवार के आर्थिक दबाव को कम करती है और बच्चे बिना किसी परेशानी के अपनी पढ़ाई पूरी कर पाते हैं।
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कितने रुपये मिलेंगे हर महीने
Bal Seva Yojana के अंतर्गत दो तरह की आर्थिक सहायता दी जाती है। कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को ₹4,000 प्रति महीने मिलते हैं जबकि अन्य कारणों से अनाथ हुए बच्चों को ₹2,500 प्रति महीने की सहायता राशि दी जाती है।
यह भत्ता बच्चे के 18 साल के होने तक लगातार मिलता रहता है। अगर बच्चा 18 साल के बाद उच्च शिक्षा लेना चाहता है तो 23 साल की उम्र या ग्रेजुएशन पूरा होने तक भत्ता जारी रहता है। राशि सीधे बच्चे के अभिभावक या देखभाल करने वाले के बैंक खाते में ट्रांसफर होती है।
लड़कियों की शादी के लिए ₹1 लाख से ज्यादा
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लड़कियों के शादी योग्य होने पर सरकार ₹1,01,000 की आर्थिक सहायता देती है। यह राशि शादी के खर्च को पूरा करने के लिए काफी मददगार साबित होती है।
इसके अलावा अवयस्क लड़कियों को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और अटल आवासीय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा और आवास की सुविधा भी मिलती है। 18 साल तक की उम्र के बच्चों को स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई के लिए लैपटॉप या टैबलेट भी दिया जाता है।
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पात्रता और जरूरी शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। बच्चे की उम्र 0 से 18 वर्ष के बीच होनी चाहिए। माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु कोविड-19 या किसी अन्य कारण से हुई हो।
परिवार की वार्षिक आय ₹3 लाख से कम होनी चाहिए, हालांकि जिन बच्चों ने दोनों माता-पिता खो दिए हैं उनके लिए आय सीमा लागू नहीं होती। जिन बच्चों के माता-पिता जेल में हैं, तलाकशुदा मां के साथ रह रहे हैं या बाल श्रम से बचाए गए हैं, वे भी पात्र हैं।
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कोविड-19 अनाथ बच्चों के लिए विशेष लाभ
जिन बच्चों ने कोविड-19 में माता-पिता खोए हैं उन्हें कुछ अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं। ऐसे बच्चों के परिवार को ₹50,000 की अनुग्रह सहायता भी दी गई है। उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग 467 ऐसे बच्चों की पहचान हो चुकी है जिन्हें इस योजना का लाभ मिल रहा है।
10 साल से कम उम्र के बच्चे जिनका कोई अभिभावक नहीं है उन्हें राजकीय बाल गृह में आवासीय सुविधा मुहैया कराई जाती है। यहां बच्चों की पूरी देखभाल, खाना, कपड़ा और शिक्षा की व्यवस्था सरकार करती है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
बाल सेवा योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑफलाइन प्रक्रिया से होता है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, ब्लॉक विकास अधिकारी या जिला परिवीक्षा अधिकारी के पास जाना होगा।
शहरी क्षेत्र के लोग तहसील कार्यालय के लेखाकार या जिला परिवीक्षा अधिकारी के पास आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म सही से भरें और सभी जरूरी दस्तावेज self-attested करके जमा करें। ब्लॉक विकास अधिकारी द्वारा सत्यापन के बाद जिला स्तर पर टास्क फोर्स अंतिम मंजूरी देती है।
किन दस्तावेजों की जरूरत होगी
आवेदन के समय बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या आयु प्रमाण पत्र जरूरी है। माता-पिता या अभिभावक का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा। परिवार का आय प्रमाण पत्र भी जरूरी है।
इसके अलावा बैंक खाते की जानकारी, पासबुक या कैंसल चेक की कॉपी चाहिए। अभिभावक का पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी लगाना होगा। हाल की पासपोर्ट साइज फोटो (700 KB तक JPG या PNG फॉर्मेट में) और बच्चे का स्कूल एडमिशन सर्टिफिकेट भी अपलोड करना होगा।
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पेमेंट कब और कैसे आएगा
आवेदन स्वीकृत होने के बाद हर महीने DBT के माध्यम से राशि सीधे बैंक खाते में आती है। पहली किस्त आमतौर पर 1 से 2 महीने के अंदर मिल जाती है। इसके बाद हर महीने नियमित रूप से भत्ता आता रहता है।
अगर किसी महीने पेमेंट नहीं आई तो संबंधित ब्लॉक या जिला कार्यालय में संपर्क करना चाहिए। बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है वरना पेमेंट में देरी हो सकती है।
Bal Seva Yojana: बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना उन बच्चों के लिए एक मजबूत सहारा है जिन्होंने अपने माता-पिता खो दिए हैं। ₹2,500 से ₹4,000 तक की मासिक सहायता, शादी के लिए ₹1 लाख से ज्यादा की मदद और मुफ्त शिक्षा की सुविधा इन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करती है। अगर आपके आसपास कोई पात्र बच्चा है तो तुरंत नजदीकी सरकारी कार्यालय में जाकर आवेदन करें।



